अमेरिका और ईरान की जंग के बीच क्रूड ऑयल के दाम में आग लगी हुई है. ईंधन की बढ़ती कीमत से एयरलाइंस पर भी दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने बड़ा फैसला किया है. एयरलाइन की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि जल्द ही रोजाना 100 फ्लाइट को कम कर दिया जाएगा. यह कटौती डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों रूट पर होगी.
एयर इंडिया की तरफ से अभी रोजाना करीब 1100 फ्लाइट का संचालन किया जाता है. जून के महीने से सबसे ज्यादा फ्लाइट यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के लंबे रूट्स पर कम की जाएंगी. हालांकि, तेल कंपनियों की तरफ से 1 मई को जारी रेट में एटीएफ के दाम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है.
इंडियन एयरलाइंस के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) की तरफ से पिछले दिनों चेतावनी दी गई थी कि यदि सरकार जल्द मदद नहीं करती तो और कई फ्लाइट को बंद करना पड़ सकता है. संगठन में इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट एयरलाइन शामिल हैं. सरकार ने अप्रैल के शुरू में घरेलू जेट ईंधन के दाम में हुई बढ़ोतरी को वापस ले लिया था. लेकिन इंटरनेशनल फ्लाइट पर किसी तरह की राहत नहीं दी गई है.
दिल्ली में जेट फ्यूल के दाम मार्च के मुकाबले दोगुने हो गए हैं. दुनियाभर में औसत जेट फ्लूल का दाम 24 अप्रैल को 179.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. यह फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर से 80 प्रतिशत ज्यादा है. एटीएफ (ATF) एयरलाइंस की कुल ऑपरेशनल
कॉस्ट का 40 प्रतिशत हिस्सा होता है. एटीएफ के दाम में थोड़ा सा भी इजाफा होने से टिकट महंगे हो जाते हैं और कंपनी को नुकसान होने लगता है. एयर इंडिया के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, हम ज्यादातर फ्लाइट की ऑपरेशन कॉस्ट को भी नहीं निकाल पा रहे. यदि तेल की कीमतें इसी तरह से बढ़ती रहीं तो हमें और ज्यादा फ्लाइट कम करनी पड़ेंगी.
