अमेरिका और ईरान की जंग से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पूरी तरह बंद है. दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो दौर की बातचीत विफल हो चुकी है. कोई भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. होर्मुज के बंद होने से दुनियाभर की तेल और एलपीजी की सप्लाई चेन टूट गई है.
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान समेत कई देशों में तेल और गैस का संकट गहरा गया है. भारत में भी एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइन में लगे हुए देखा जा रहा है. हालांकि, सरकार की तरफ से बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है कि देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक है.
दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की शिपमेंट्स को मई तक के लिए पूरी तरह रोकने का फैसला किया है. फरवरी के आखिर में कंपनी की मेन एक्सपोर्ट फैसिलिटी को नुकसान होने के कारण यह फैसला लिया गया है.
आपको बता दें सऊदी अरामको (Saudi Aramco) की जुआयमा एलपीजी फैसिलिटी में फरवरी के आखिर में सपोर्ट स्ट्रक्चर गिरने से भारी नुकसान हुआ. इसके बाद से ही एलपीजी निर्यात बंद है. कंपनी की तरफ से हाल ही में खरीदारों को दी गई जानकारी में बताया कि मई महीने तक शिपमेंट्स नहीं होंगी. अरामको ने इस पर किसी तरह की आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
सूत्रों के अनुसार, जुआयमा में जरूरी मेंटीनेंस का काम अभी पूरा नहीं हो सका है. 28 फरवरी से शुरू हुई ईरान जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट लगभग पूरी तरह से बंद है. होर्मुज मिडिल ईस्ट से तेल और गैस निर्यात का सबसे अहम रास्ता है. यदि होर्मुज को खोल भी दिया जाए तब भी मई में कोई डिलीवरी नहीं हो पाएगी, क्योंकि फैसिलिटी अभी तैयार नहीं है. एलपीजी खासतौर पर प्रोपेन और ब्यूटेन से तैयार होती है, इसका इस्तेमाल रसोई में खाना पकाने के लिए किया जाता है.
जंग और फैसिलिटी में समस्या के कारण भारत में एलपीजी संकट का सामना करना पड़ रहा है. कई एशियाई देशों में भी एनर्जी क्राइसिस बन रहा है. 26 फरवरी को अरामको की तरफ से कहा गया था कि अगले कुछ हफ्तों की शिपमेंट्स को रद्द किया जाएगा. लेकिन अब यह रुकावट मई महीने तक बढ़ गई है.
