तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी को समर्थन देने के लिए कांग्रेस ने डीएमके के साथ अपने वर्षों पुराने संबंध को समाप्त करने का ऐलान किया है. कांग्रेस ने कहा कि विजय के साथ गठबंधन बस सरकार बनाने के लिए नहीं होगा बल्कि आने वाले निकाय, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों के लिए होगा. इसके पहले 234 में से 108 सीट जीतने वाले टीवीके नेता विजय ने कांग्रेस से समर्थन मांगा था.
विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों के समर्थन की दरकार है. डीएमके (59 सीटें) के साथ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं. कांग्रेस का कदम स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके को नागवार गुजरा. जब मंगलवार रात ये स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस, टीवीके को सपोर्ट करेगी तो डीएमके प्रवक्ता ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ये कदम डीएमके की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है क्योंकि हमारे ही दम पर उनकी पांच सीटें आई थीं. हालिया दौर में कांग्रेस और डीएमके के साथ संबंध सहज नहीं रह गए थे. इस बार के चुनाव में राहुल गांधी और स्टालिन एक साथ मंच पर भी नहीं दिखे.
अंदरखाने ये भी कहा गया कि राहुल गांधी चुनाव के दौरान विजय के साथ गठबंधन करने के इच्छुक थे लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनको ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी, लिहाजा उस वक्त बात टल गई लेकिन जैसे ही जीत के बाद विजय ने कांग्रेस से संपर्क साधा तो पार्टी ने बिना देरी किए गठबंधन करने का फैसला कर लिया.
